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मेरे अनन्य : डॉ. क्षमा शंकर पाण्डेय

मेरे अनन्य : डॉ. क्षमा शंकर पाण्डेय

  आखिरकार वह नौबत आ ही गयी, जिसकी कभी कल्पना नहीं की थी। ...अकस्मात् मरण ! फिर संस्मरण। एक मित्र का मरण और दूसरे का संस्मरण...! बहुत आत्मीय ...
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"बादल को घिरते देखा है' (नागार्जुन) और "मेघदूतम् (कालिदास)

"बादल को घिरते देखा है' (नागार्जुन) और "मेघदूतम् (कालिदास)

"मेघदूतम्" संस्कृत गीतिकाव्य परम्परा का वह सृजन है, जिसने न सिर्फ भारतीय भाषाओं की कविता को प्रभावित किया, बल्कि विश्वकविता पर भी ...
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जब-जब देखा : सन्दर्भ नामवर सिंह

जब-जब देखा : सन्दर्भ नामवर सिंह

नामवर जी पर लिखने के लिए मैं उपयुक्त नहीं हूँ। अधिकृत भी नहीं। वजह साफ है, कभी उनका विशेष नैकट्य नहीं मिला। अपनी अजगरी वृत्ति के चलते मैंने ...
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अवधी कवि पं. रामगुलाम त्रिपाठी

अरिनाशक-दुर्गाशतकम् पं. रामगुलाम त्रिपाठी इलाहाबाद जनपद के कवि थे। इनकी प्रमुख कृति 'अरिनाशक दुर्गाशतकम्' प्राप्त हुई है। शीर्षक से ...
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